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श्री वक्त्रेश्वर शक्तिपीठ

वक्त्रेश्वर शक्तिपीठ

माता का यह शक्तिपीठ पश्चिम बंगाल के सैंथिया में स्थित है।

पूर्वी रेलवे की मुख्य लाइन पर आण्डाल जंक्शन से सैंथिया लाइन पर आण्डाल से लगभग 39 किलोमीटर दूर एक छोटा-सा स्टेशन है ‘दुब्राजपुर’, जहाँ से लगभग 12 किलोमीटर उत्तर में अनेक तप्त झरने हैं। वहीं पर शिव के अनेक शिवालय भी हैं।

यह स्थान ‘वक्त्रेश्वर’ कहा जाता है, जो वाकेश्वर नाले के तट पर स्थित होने के कारण कहा जाता है।

यहीं वक्त्रेश्वर शक्तिपीठ है, जो सैंथिया स्टेशन से लगभग 11 किलोमीटर दूर एक श्मशान की भूमि में विद्यमान है।

इस स्थान का मुख्य मंदिर वक्त्रेश्वर शिव मंदिर है।

माना जाता है कि इस स्थान पर सती का “मन” गिरा था।

कुछ विद्वान यहाँ सती के दोनों ‘भ्रू’ का निपात मानते हैं।

इस शक्तिपीठ की सती ‘महिषासुरमर्दिनी’ तथा शिव ‘वक्त्रनाथ’ हैं।

कहा जाता है कि यहीं पर महर्षि कहोड़ के पुत्र अष्टावक्र का आश्रम भी था, जो अब नहीं है।

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