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आज की होरा – वर्तमान होरा, शुभ होरा समय और ग्रह

21 Oct 2026
आश्विन मास · शुक्ल पक्ष

दिन होरा

6:24 AM → 5:47 PM
ग्रह
से
तक
बुध
06:24
07:21
चंद्र
07:21
08:18
शनि
08:18
09:15
गुरु
09:15
10:12
मंगल
10:12
11:08
सूर्य
11:08
12:05
शुक्र
12:05
13:02
बुध
13:02
13:59
चंद्र
13:59
14:56
शनि
14:56
15:53
गुरु
15:53
16:50
मंगल
16:50
17:47

रात्रि होरा

5:47 PM → 6:25 AM
ग्रह
से
तक
सूर्य
17:47
18:50
शुक्र
18:50
19:53
बुध
19:53
20:56
चंद्र
20:56
21:59
शनि
21:59
23:02
गुरु
23:02
00:06
मंगल
00:06
01:09
सूर्य
01:09
02:12
शुक्र
02:12
03:15
बुध
03:15
04:18
चंद्र
04:18
05:21
शनि
05:21
06:25
होरा (ग्रहीय घण्टे) दिन और रात्रि को 12 समान भागों में बाँटकर निकाली जाती है। प्रत्येक होरा चाल्डियन क्रम के अनुसार एक ग्रह द्वारा शासित होती है।

वैदिक ज्योतिष में “होरा” दिन और रात को ग्रहों के प्रभाव के आधार पर विभाजित करने की एक पारंपरिक प्रणाली है। सामान्य रूप से सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के समय को 24 होराओं में बाँटा जाता है।

प्रत्येक होरा पर किसी एक ग्रह का प्रभाव माना जाता है। पहली होरा सूर्योदय से शुरू होती है और उस दिन के वार-स्वामी ग्रह से आरम्भ होती है। इसके बाद ग्रहों का एक निश्चित क्रम चलता रहता है।

होरा का उपयोग दैनिक कार्यों के लिए उपयुक्त समय चुनने में किया जाता है। हालांकि इसे पूर्ण मुहूर्त का विकल्प नहीं माना जाता, बल्कि ग्रह-स्वभाव के आधार पर समय का एक सामान्य संकेत समझा जाता है।

होरा क्या है?

“होरा” ज्योतिष में समय की एक विशेष इकाई मानी जाती है। दिन और रात को अलग-अलग 12 भागों में विभाजित किया जाता है। इस प्रकार कुल 24 होराएँ बनती हैं।

यह आवश्यक नहीं कि प्रत्येक होरा ठीक 60 मिनट की हो। दिन की होरा की अवधि सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच की कुल अवधि पर निर्भर करती है, जबकि रात्रि की होरा सूर्यास्त से अगले दिन के सूर्योदय तक के समय पर आधारित होती है।

इसी कारण गर्मी और सर्दी में होरा की अवधि बदल सकती है और अलग-अलग शहरों में एक ही दिन होरा का समय अलग हो सकता है।

होरा की गणना कैसे होती है?

होरा की गणना के लिए सबसे पहले स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त का समय लिया जाता है।

दिन की होरा: सूर्योदय से सूर्यास्त तक की कुल अवधि को 12 बराबर भागों में बाँटा जाता है।

रात्रि की होरा: सूर्यास्त से अगले दिन के सूर्योदय तक की कुल अवधि को 12 बराबर भागों में बाँटा जाता है।

इसलिए दिल्ली, मुंबई, वाराणसी, लखनऊ या किसी अन्य स्थान पर होरा का समय स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त के अनुसार बदलता है।

होरा चक्र (Planetary Order)

सूर्य → शुक्र → बुध → चंद्र → शनि → गुरु → मंगल

इसके बाद यही क्रम दोहराया जाता है। प्रत्येक दिन की पहली होरा उस दिन के स्वामी ग्रह से शुरू होती है, लेकिन आगे की होराएँ इसी निश्चित क्रम में चलती हैं।

दिन की पहली होरा किस ग्रह की होती है?

हर दिन की पहली होरा उस दिन के वार-स्वामी की होती है। सूर्योदय होते ही उसी ग्रह की होरा प्रारंभ मानी जाती है।

रविवार

सूर्य होरा

सोमवार

चंद्र होरा

मंगलवार

मंगल होरा

बुधवार

बुध होरा

गुरुवार

गुरु होरा

शुक्रवार

शुक्र होरा

शनिवार

शनि होरा

इसके बाद सूर्य → शुक्र → बुध → चंद्र → शनि → गुरु → मंगल के क्रम के अनुसार अगली होराएँ चलती रहती हैं।

किस कार्य के लिए कौन-सी होरा शुभ मानी जाती है?

सूर्य होरा

सरकारी कार्य, प्रशासन, नेतृत्व, प्रतिष्ठा, वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क और अधिकार से जुड़े कार्य।

चंद्र होरा

यात्रा, परिवार, जन-संपर्क, सामाजिक कार्य, भावनात्मक विषय और जल से जुड़े कार्य।

मंगल होरा

भूमि, साहस, प्रतियोगिता, तकनीकी कार्य, इंजीनियरिंग, शारीरिक परिश्रम और दृढ़ निर्णय।

बुध होरा

व्यापार, लेखन, संचार, अध्ययन, दस्तावेज, अनुबंध, गणना और व्यावसायिक बातचीत।

गुरु होरा

शिक्षा, ज्ञान, धार्मिक कार्य, सलाह, शुभ आरम्भ, विवाह संबंधी चर्चा और दीर्घकालिक योजना।

शुक्र होरा

कला, सौंदर्य, वस्त्र, वाहन, खरीदारी, संबंध, मनोरंजन और सुख-सुविधा से जुड़े कार्य।

शनि होरा

मशीनरी, श्रम, अनुशासन, जिम्मेदारी, निर्माण, धैर्य और दीर्घकालिक योजना से जुड़े कार्य।

सूर्य होरा

सूर्य को ज्योतिष में अधिकार, प्रतिष्ठा, नेतृत्व, शासन और आत्मबल का कारक माना जाता है। इसलिए सूर्य होरा में ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाती है जिनमें प्रशासन, पद, निर्णय या अधिकार से जुड़ा विषय हो।

सरकारी कार्यालय से संबंधित कार्य, किसी वरिष्ठ अधिकारी से मुलाकात, नेतृत्व से जुड़े निर्णय या प्रतिष्ठा बढ़ाने वाले कार्यों के लिए सूर्य होरा का विचार किया जाता है।

चंद्र होरा

चंद्र को मन, भावनाओं, परिवार, जन-संपर्क, यात्रा और परिवर्तनशीलता से जोड़ा जाता है। इसलिए चंद्र होरा को यात्रा, घरेलू विषयों, लोगों से संपर्क और सामाजिक कार्यों के लिए उपयोगी माना जाता है।

जनता से जुड़े कार्य, लोगों से मुलाकात और परिवार से संबंधित विषयों में भी चंद्र होरा का विचार किया जाता है।

मंगल होरा

मंगल ऊर्जा, साहस, भूमि, शक्ति, प्रतिस्पर्धा और तकनीकी कार्यों का कारक माना जाता है। मंगल होरा में ऐसे कार्य किए जाते हैं जिनमें दृढ़ता, साहस और त्वरित निर्णय की आवश्यकता हो।

भूमि से जुड़े कार्य, मशीनरी, इंजीनियरिंग, खेल, प्रतियोगिता और तकनीकी विषय मंगल होरा से जुड़े माने जाते हैं।

बुध होरा

बुध बुद्धि, व्यापार, संवाद, लेखन, अध्ययन और गणना का कारक माना जाता है। व्यापारिक बातचीत, ईमेल, दस्तावेज, अनुबंध, शिक्षा और संचार संबंधी कार्यों के लिए बुध होरा का उपयोग किया जाता है।

नई व्यावसायिक चर्चा, लेखन या किसी महत्वपूर्ण संदेश के आदान-प्रदान के लिए भी बुध होरा को अनुकूल माना जाता है।

गुरु होरा

गुरु ज्ञान, धर्म, शिक्षा, मार्गदर्शन और विस्तार का प्रतीक माना जाता है। गुरु होरा को शिक्षा, धार्मिक कार्य, सलाह, महत्वपूर्ण निर्णय और दीर्घकालिक योजनाओं से जोड़ा जाता है।

शुभ कार्य की योजना, अध्ययन की शुरुआत या किसी अनुभवी व्यक्ति से मार्गदर्शन लेने के लिए भी गुरु होरा का विचार किया जाता है।

शुक्र होरा

शुक्र सौंदर्य, कला, प्रेम, संबंध, वस्त्र, वाहन और सुख-सुविधा का कारक माना जाता है। इसलिए शुक्र होरा में खरीदारी, सजावट, कला, संगीत और संबंधों से जुड़े कार्य किए जाते हैं।

वस्त्र, आभूषण, वाहन और सौंदर्य से संबंधित खरीदारी के लिए भी शुक्र होरा का उपयोग किया जाता है।

शनि होरा

शनि अनुशासन, श्रम, धैर्य, जिम्मेदारी और दीर्घकालिक प्रयास का कारक माना जाता है। शनि होरा उन कार्यों के लिए उपयुक्त मानी जाती है जिनमें स्थिरता, मेहनत और लंबे समय की योजना की आवश्यकता हो।

मशीनरी, निर्माण, रखरखाव, तकनीकी सुधार और व्यवस्थित योजना से जुड़े कार्य शनि होरा से संबंधित माने जाते हैं।

होरा और मुहूर्त में क्या अंतर है?

होरा मुख्य रूप से किसी समय पर ग्रह के प्रभाव को दर्शाने वाली सरल ज्योतिषीय प्रणाली है। वहीं मुहूर्त अधिक विस्तृत गणना पर आधारित होता है, जिसमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, लग्न और अन्य ज्योतिषीय तत्वों का विचार किया जा सकता है।

इसलिए विवाह, गृह प्रवेश या अन्य बड़े संस्कारों के लिए केवल होरा के आधार पर निर्णय नहीं लिया जाता। ऐसे कार्यों में पूर्ण मुहूर्त का विचार अधिक उपयुक्त माना जाता है।

क्या शुभ ग्रह की होरा हमेशा शुभ होती है?

होरा का फल केवल ग्रह के सामान्य स्वभाव से नहीं समझा जाना चाहिए। किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली, चल रही दशा, गोचर और किए जाने वाले कार्य का प्रकार भी ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकता है।

इसलिए सामान्य होरा दैनिक कार्यों के लिए एक संकेत दे सकती है, लेकिन बहुत महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए केवल होरा पर निर्भर रहना उचित नहीं माना जाता।

दिन की होरा और रात की होरा में क्या अंतर है?

दिन और रात की होरा की गणना अलग-अलग की जाती है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक की अवधि को 12 भागों में बाँटकर दिन की 12 होराएँ बनाई जाती हैं।

इसी प्रकार सूर्यास्त से अगले दिन के सूर्योदय तक की अवधि को 12 भागों में बाँटकर रात्रि की 12 होराएँ निर्धारित की जाती हैं।

इसी कारण दिन और रात की होरा की अवधि अक्सर समान नहीं होती।

होरा का समय हर शहर में अलग क्यों होता है?

होरा की गणना स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त से होती है। पृथ्वी पर अलग-अलग स्थानों पर सूर्योदय और सूर्यास्त का समय अलग होता है, इसलिए होरा का समय भी स्थान के अनुसार बदलता है।

यही कारण है कि किसी दूसरे शहर का होरा समय अपने शहर के लिए उपयोग करना सही नहीं माना जाता।

वर्तमान होरा कैसे देखें?

वर्तमान होरा जानने के लिए अपने स्थान के स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर होरा की गणना देखनी चाहिए।

Sanatana Aradhana पर आप अपने स्थान के अनुसार वर्तमान होरा देखकर यह जान सकते हैं कि इस समय कौन-से ग्रह की होरा चल रही है और वह कब तक रहेगी।

होरा देखते समय किन बातों का ध्यान रखें?

  • होरा का समय हमेशा स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर देखें।
  • हर होरा ठीक 60 मिनट की हो, यह आवश्यक नहीं है।
  • किसी कार्य का स्वभाव और संबंधित ग्रह का स्वभाव दोनों देखें।
  • बहुत महत्वपूर्ण संस्कारों के लिए केवल होरा पर निर्भर न रहें।
  • विवाह, गृह प्रवेश और अन्य बड़े शुभ कार्यों के लिए पूर्ण मुहूर्त का विचार करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होरा क्या होती है?
होरा ज्योतिष में दिन और रात को ग्रहों के प्रभाव के आधार पर 24 भागों में विभाजित करने की प्रणाली है। प्रत्येक होरा पर किसी एक ग्रह का प्रभाव माना जाता है।
एक होरा कितने समय की होती है?
होरा हमेशा 60 मिनट की नहीं होती। इसकी अवधि स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त की लंबाई पर निर्भर करती है।
पहली होरा किस ग्रह की होती है?
दिन की पहली होरा उस दिन के वार-स्वामी ग्रह की होती है। उदाहरण के लिए रविवार को पहली होरा सूर्य और सोमवार को पहली होरा चंद्र की होती है।
होरा का ग्रह क्रम क्या है?
होरा का क्रम सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु और मंगल है। इसके बाद यही क्रम दोहरता रहता है।
व्यापार के लिए कौन-सी होरा अच्छी मानी जाती है?
व्यापार, बातचीत, दस्तावेज और संचार से जुड़े कार्यों के लिए बुध होरा को सामान्यतः अनुकूल माना जाता है।
शुभ कार्य के लिए कौन-सी होरा अच्छी मानी जाती है?
कार्य के प्रकार के अनुसार गुरु, शुक्र, बुध और चंद्र होरा को कई सौम्य कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। महत्वपूर्ण संस्कारों के लिए पूर्ण मुहूर्त देखना अधिक उचित माना जाता है।
क्या होरा का समय हर शहर में अलग होता है?
हाँ। होरा की गणना स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के अनुसार होती है, इसलिए अलग-अलग शहरों में इसका समय अलग हो सकता है।
क्या होरा वैज्ञानिक प्रणाली है?
होरा वैदिक ज्योतिष और पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं का हिस्सा है। आधुनिक विज्ञान ग्रहों की होरा के आधार पर दैनिक कार्यों के शुभ-अशुभ परिणाम को प्रमाणित प्रणाली के रूप में स्वीकार नहीं करता।

नोट: होरा ज्योतिषीय परंपरा का हिस्सा है। किसी महत्वपूर्ण आर्थिक, स्वास्थ्य, कानूनी या जीवन-निर्णय के लिए केवल होरा के आधार पर निर्णय न लें।