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श्री सुंगधा शक्तिपीठ

सुंगधा शक्तिपीठ

सुंगधा शक्तिपीठ 51 शक्तिपीठों में से एक है। हिन्दू धर्म के पुराणों के अनुसार जहाँ-जहाँ सती के अंग के टुकड़े, धारण किए वस्त्र या आभूषण गिरे, वहाँ-वहाँ शक्तिपीठ अस्तित्व में आये। ये अत्यंत पावन तीर्थस्थान कहलाये। ये तीर्थ पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर फैले हुए हैं। ‘देवीपुराण’ में 51 शक्तिपीठों का वर्णन है।

यह शक्तिपीठ भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में स्थित है।

बरीसाल से 21 किलोमीटर की दूरी पर उत्तर में शिकारपुर नामक ग्राम में सुंगधा (सुनंदा) नदी के तट पर स्थित उग्रतारा देवी का मंदिर ही शक्तिपीठ माना जाता है।

इस स्थान पर सती की “नासिका” (नाक) का निपात हुआ था।

यहाँ की देवी ‘सुनंदा’ और शिव ‘त्र्यम्बक’ हैं।

खुलना से स्टीमर से बरीसाल पहुँचा जाता है तथा वहाँ से सड़क मार्ग से शिकारपुर ग्राम पहँचा जा सकता है।

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