Follow UsInstagram
Please login to save favourites.
श्री बाँकेबिहारी जी की आरती

श्री बाँकेबिहारी जी की आरती

श्री बाँकेबिहारी, तेरी आरती गाऊँ।

कुंजबिहारी, तेरी आरती गाऊँ।

श्री श्यामसुन्दर, तेरी आरती गाऊँ।

श्री बाँकेबिहारी, तेरी आरती गाऊँ॥

मोर मुकुट प्रभु, शीश पे सोहे।

प्यारी बंसी, मेरे मन मोहे।

देखि छवि, बलिहारी जाऊँ।

श्री बाँकेबिहारी, तेरी आरती गाऊँ॥

चरणों से निकली, गंगा प्यारी।

जिसने सारी, दुनिया तारी।

मैं उन चरणों के, दर्शन पाऊँ।

श्री बाँकेबिहारी, तेरी आरती गाऊँ॥

दास अनाथ के, नाथ आप हो।

दुःख सुख जीवन, प्यारे साथ हो।

हरि चरणों में, शीश नवाऊँ।

श्री बाँकेबिहारी, तेरी आरती गाऊँ॥

श्री हरिदास के, प्यारे तुम हो।

मेरे मोहन, जीवन धन हो।

देखि युगल छवि, बलि-बलि जाऊँ।

श्री बाँकेबिहारी, तेरी आरती गाऊँ॥

आरती गाऊँ, प्यारे तुमको रिझाऊँ।

हे गिरिधर, तेरी आरती गाऊँ।

श्री श्यामसुन्दर, तेरी आरती गाऊँ।

श्री बाँकेबिहारी, तेरी आरती गाऊँ॥

Please login to save favourites.

You cannot copy content of this page