बहुला शक्तिपीठ
पश्चिम बंगाल के कटवा जंक्शन के निकट बर्धमान में स्थित बहुला शक्तिपीठ 51 शक्तिपीठों में से एक है। यह पवित्र स्थल मां दुर्गा और भगवान शिव को समर्पित है। यहां की शक्ति बहुला तथा भैरव भीरुक हैं। पश्चिम बंगाल के हावड़ा से यह 145 किलोमीटर दूरी पर स्थित है।
ईश्वरीय ऊर्जा
बहुला शक्तिपीठ को भारत के ऐतिहासिक स्थलों में से एक माना जाता है। यहां पर हिंदू भक्तों को देवी शक्ति के रूप में एक अलग ही तरह की ईश्वरीय उर्जा मिलती है। यहां मंदिरों में भक्तजन रोजाना सुबह देवी मां को मिठाई और फल चढ़ाकर पूजा करते हैं।
पौराणिक कथा
पौराणिक कथा के अनुसार ऐसा माना जाता है कि ‘बहुला शक्तिपीठ’ वह जगह है, जहां पर देवी सती की बायीं भुजा गिरी थी। इस मंदिर के निर्माण और उत्थान को लेकर वैसे तो कोई जानकारी नहीं है, लेकिन यहां के स्थानीय लोग इसके निर्माण को लेकर अलग-अलग कहानियां रचते हैं।
मेले जैसी रौनक
हिन्दू धर्म के त्यौहारों में विशेषतौर पर ‘महाशिवरात्रि’ और ‘नवरात्र’ के समय यहां की रौनक देखते ही बनती है। इस दौरान यहां के बाज़ारों में मेले जैसा माहौल होता है। नवरात्रि में तो भक्तजन नौ दिन बिना कुछ खाए यहां के मंदिर में माँ के दर्शन के लिए चक्कर लगाते हैं।
कैसे पहुंचें
भक्तजन देश के किसी भी कोने से वर्धमान रेलवे स्टेशन के लिए ट्रेन पकड़कर बहुला मंदिर पहुंच सकते हैं।
यदि कोई पश्चिम बंगाल का रहने वाला है तो बस के माध्यम से बहुला पहुंच सकते हैं। राज्य में बहुला के लिए डीलक्स बसें चलाई जाती है।
यहाँ का नजदीकी हवाईअड्डा वर्धमान है, जबकि यहां का अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा कोलकाता में है।


