संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत विधि
हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को “संकष्टी चतुर्थी” के नाम से जाना जाता है ।
संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत विधि
नारद पुराण के अनुसार संकष्टी चतुर्थी के दिन व्रती को पूरे दिन का उपवास रखना चाहिए । शाम के समय संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा को सुननी चाहिए । रात के समय चन्द्रोदय होने पर गणेश जी का पूजन कर ब्राह्मणों को भोजन कराने के बाद स्वयं भोजन करना चाहिए । इस दिन गणेश जी का व्रत-पूजन करने से धन-धान्य और आरोग्य की प्राप्ति होती है और समस्त परेशानियों से मुक्ति मिलती है ।

