मकर संक्रांति व्रत विधि
मकर संक्रांति
मकर संक्राति का त्यौहार 14 जनवरी को मनाया जाता है ।
इस पर्व को देश में कई नामों से जाना जाता है जैसे बिहार में खिचड़ी, तमिलनाडु में पोंगल, असम में बिहू आदि ।
मकर संक्रांति व्रत विधि
दभविष्यपुराण के अनुसार सूर्य के उत्तरायण या दक्षिणायन के दिन संक्रांति व्रत करना चाहिए । इस व्रत में संक्रांति के पहले दिन एक बार भोजन करना चाहिए ।
संक्रांति के दिन तेल तथा तिल मिश्रित जल से स्नान करना चाहिए । इसके बाद सूर्य देव की स्तुति करनी चाहिए ।
मान्यतानुसार इस दिन तीर्थों में या गंगा स्नान और दान करने से पुण्य प्राप्ति होती है ।
ऐसा करने से जातक को मोक्ष की प्राप्ति होती है । साथ ही संक्रांति के पुण्य अवसर पर अपने पितरों का ध्यान और उन्हें तर्पण अवश्य प्रदान करना चाहिए ।
मकर संक्रांति पूजा मंत्र
ऊं सूर्याय नम:
ऊं आदित्याय नम:
ऊं सप्तार्चिषे नम:
अन्य मंत्र हैं-
ऋड्मण्डलाय नम: , ऊं सवित्रे नम: , ऊं वरुणाय नम: , ऊं सप्तसप्त्ये नम: , ऊं मार्तण्डाय नम: , ऊं विष्णवे नम:

